भाभी और उसकी बहन को जयपुर में चोदा

मैं भाभी को हर रोज़ चोदता ! भैया को भी यह बात पता चल गई जब भाभी को गर्भ हुआ। पहले तो बहुत गुस्सा आया पर वो जल्दी समझ गए कि मुस्कान को भी तो लंड की जरुरत है, जो वो नहीं दे सकते थे। जब भाभी को बच्चा होने वाला था तब मैं उनके साथ सेक्स नहीं कर पाता तो मुझे बहुत बुरा लगता। कुछ समय के लिए मीनाक्षी (भाभी की बहन) आई, वो तो भाभी से भी मस्त फिगर वाली थी, देखते ही मेरा लंड खड़ा होने लगा ... मैंने भाभी से कहा- मैं मीनाक्षी की चोदना चाहता हूँ। तो गुस्सा होती हुई बोली- कमीने पहले मुझे ! फिर मेरी बहन को ? बहुत मस्ती आ रही है? उसकी तो अभी सील भी नहीं खुली होगी और तू उसे चोदना चाहता है? मैं नहीं चोदने दूँगी ! तुम सिर्फ मुझे ही चोदोगे ! समझ गए...? मुझे इतना गुस्सा आया कि मैं यह कहता हुआ घर आ गया कि अब मैं तुझे भी नहीं चोदूंगा.... देखता हूँ कि कौन तुझे चोदता है... फिर मैंने भाभी से बातचीत बंद कर दी और मीनाक्षी से दोस्ती कर ली। अब हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए। वो जींस-टॉप में क्या माल लगती थी ! हम दोनों खूब मस्ती करते ... एक दिन हम मार्केट गये, वहाँ वो लेडीज कपड़ो की शॉप पर चली गई। मैं भी उसके साथ गया। वहाँ उसे पैंटी और ब्रा पसंद आ गई, वो पहन कर देखना चाहती थी, ट्राई-रूम में चली गई और कुछ देर बाद मुझे अन्दर आने को आवाज लगाने लगी। मैं अन्दर गया तो देखता ही रह गया। वो सिर्फ पैंटी और ब्रा में खड़ी थी, पूछने लगी- कैसी लग रही हूँ? मैंने उसे पीछे से पकड़ते हुए कहा- बहुत मस्त ! इसी में घर चलो न ! वो हँसती हुई बोली- चल बदमाश ! इसमें तो सिर्फ तुम्हारे लिए आऊँगी ! और मुझे किस करते हुए बोली- आई लव यू ! हम दोनों ने दो मिनट तक चूमा, फिर मैंने कहा- यही पैंटी-ब्रा पहन कर चलना !( मतलब नई पैंटी-ब्रा के ऊपर कपड़े पहन कर चलना) फिर हमने बहुत सारी शोपिंग की और शॉपिंग के बीच-बीच में मैं उसके स्तन दबा देता, लेकिन वो कुछ नहीं बोली। हमें बड़ा मजा आया। वहाँ से हम सीधे मेरे घर गए जहाँ ताला लगा था। चाबी भाभी के पास थी, मैं चाबी मांगने गया तो बोली- मीनाक्षी कहाँ है? तो मैं बोला- पहले चाबी ! फिर बताऊँगा ! चाबी लेने के बाद मैं बोला- आज तो हम लोग चुदाई करेंगे ! रोक सको तो रोक लो ! उन्हें बहुत गुस्सा आया पर वो तो कमरे से बाहर भी नहीं निकल सकती थी। मैंने ताला खोला और हम दोनों अंदर चले गए। दरवाज़ा बंद करते ही मैं उसे गोदी में उठाकर अपने कमरे में ले गया और बेड पर लिटा कर चूमने लगा। वो भी साथ दे रही थी, हमें बड़ा मजा आ रहा था। मैंने उसका गुलाबी टॉप उतारा और नई ब्रा में से ही उसके स्तन दबाने लगा, वो आहें भरने लगी- ह्य्य्य्य रोहित ! बड़ा मजा आ रहा है ! मैंने उसकी ब्रा उतारी और एक चुचूक को मुँह में चूसने लगा ! बहुत मजा रहा था दोस्तो ! फिर मैं उसकी ब्लू जींस उतारने लगा। उसकी चूत गीली हो चुकी थी, मैं पैंटी में से ही उसकी बालों वाली चूत को सहलाने लगा। सहलाते हुए ही मुझे पता चल गया कि उसकी चूत अभी कुंवारी है, तो मेरा लण्ड और फूलने लगा... और सोचने लगा- यार मैं तो बड़ा किस्मत वाला हूँ ! दो चूत मिली वो भी सील पैक ! अब वो बोली- यार तुम भी तो अपना लौड़ा मेरे मुँह में डालो ! मैं कितनी देर से इन्तज़ार कर रही हूँ ! मैं बोला- जानेमन, अभी आता है मेरा लंड ! और उसे खड़ा करके बोला- चल जान, खोल दे मेरे कपड़े और बुझा अपनी प्यास .... फिर वो जल्दी जल्दी मेरे कपड़े उतारने लगी। तीन मिनट में मुझे नंगा कर दिया ... मेरा ७.५ इंच लम्बा लौड़ा बाहर आ गया ... मीनाक्षी ने आव न देखा ताव ! मेरा लौड़ा मुँह में लेकर चूसने लगी ... क्या तो चूस रही थी ! कसम से बड़ा मजा आ रहा था.. कुछ देर बाद बोली- यार, अब चूत की प्यास बुझाओ ! मैंने धीरे धीरे उसकी चूत में अपना लौड़ा डाला, क्योंकि उसकी सील खोलनी थी, जिसमें बड़ा दर्द होता है... इसलिए मैं पहली बार आराम से ही चुदाई करना चाहता था। मैंने धीरे-धीरे चोदते हुए पूछा- दर्द हो रहा है? बोली- ज्यादा नहीं ! जितना सुना था उससे काफी कम .... कुछ देर में उसकी चूत की सील टूट गई ...वो एक बार जोर से चिल्लाई- उई माँ ! मर गई.. फिर बोली- रोहित, अब मजा आ रहा है...स्पीड में चोदो यार ! फिर मैं बहुत तेज़ स्पीड में चोदने लगा। कभी घोड़ी बना कर चोदता तो कभी दोनों हाथों से गोदी में उठा कर चोदता ... हम दोनों को काफी मजा आया। हमने शर्त लगाई- देखते हैं पहले कौन पहले झड़ता है... 25 मिनट हो गए, कोई नहीं झड़ा... कुछ देर बाद मीनाक्षी की चूत गीली हो गई। मैं बोला- तुम हार गई... उसे गुस्सा आया और बोली- मैं तुम्हारा पानी नहीं निकलने दूंगी ! और चूत से मेरे लण्ड को निकालती हुई पीछे हट गई... मैं बोला- यार जब तक मेरा पानी नहीं निकलेगा, सेक्स का मजा कैसे आएगा? तो बोली- मैं क्या जानूँ ? हाथ से निकाल लो... मैंने काफी मनाया फिर बोली- पानी मेरे मुँह में डालोगे ? मैं बोला- ठीक है... थोड़ी देर चोदने के बाद में झड़ गया ... मैंने सारा पानी उसी के मुँह में डाल दिया ... कुछ देर आराम करने के बाद फिर से उसे चोदना शुरू किया कि बेल बज गई। मैंने जल्दी से कपड़े पहने और मीनाक्षी को को पैंटी ब्रा में ही बेड के नीचे छुपने को कहा, साथ कपड़े भी ले जाने को ... मम्मी आई थी, बोली- क्या कर रहे हो? मैं बोला- नींद आ रही थी ! शॉपिंग का सामान देख कर बोली- ये सब कौन लाया? मैं बोला- फ्रेंड का है ! मुझे नींद आ रही थी इसलिए अन्दर नहीं रखा .. मम्मी थकी हुई थी इसलिए अन्दर चली गई। मैं अन्दर गया और जल्दी से मीनाक्षी को जाकर कपड़े पहनाये और उसके घर भेज दिया। फिर हमने खूब सेक्स किया ... भाभी के बच्चा होने के बाद वो चली गई .. फिर मुझे भाभी को ही चोदना पड़ा ... एक बार भाभी और मीनाक्षी को एक साथ चोदा !


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